आज कुछ पन्तिया अपनी माँ के प्यार पर


मेने अपनी भूख के लिए उसे भटकते देखा है।
मेने अपनी भूख के लिए उसे भटकते देखा है।
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मेरे सपनों के लिए सपनों के घरों में काम करते हुए देखा है |
मेरे सपनों के लिए सपनों के घरों में काम करते हुए देखा है |
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हां वो आज है नही मगर 
हां वो आज है नही मगर
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उसकी दुआएं मेरे साथ रहती है मेने मौत को अपने सामने से निकलते देखा है।
                 

                                                                                                                                  (मेरी माँ)

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